Friday, August 21, 2009 at 6:42 AM
मेरी सांसे रुक रही है. मैं छटपटा रही हूं. पता नही क्युं...
चुपचाप सी बैठी मैं, बस ऐसे ही कुछ कुछ टाइप किए जा रहीं हूं..
लास्ट कोर्नर की सीट पर बैठी मैं पुरे टाइटेनिक का नज़ारा देख रहीं हूं. अब डूबा की तब डूबा... ल

1 Responses to

  1. आपके साहस की जितनी प्रंशसा की जाय कम है संघर्ष जारी रखिये

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